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Thursday, 1 February 2018

मगन भाई देसाई (जन्म- 11 अक्टूबर, 1889, खेड़ा ज़िला, गुजरात; मृत्यु- 1 फ़रवरी, 1969)

मगन भाई देसाई
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पूरा नाममगन भाई देसाई
जन्म11 अक्टूबर, 1889
जन्म भूमिखेड़ा ज़िला, गुजरात
मृत्यु1 फ़रवरी, 1969
कर्म भूमिगुजरात
भाषागुजराती
प्रसिद्धिगुजरात विश्वविद्यालय के उपकुलपति।
नागरिकताभारतीय
संबंधित लेखगांधी जी
अन्य जानकारीमगन भाई देसाई ने गुजराती भाषा में अनेक मौलिक पुस्तकों की रचना की तथा उपनिषदों पर भाष्य लिखे।
इन्हें भी देखेंकवि सूची, साहित्यकार सूची
मगन भाई देसाई (अंग्रेज़ी: Magan Bhai Desai, जन्म- 11 अक्टूबर, 1889, खेड़ा ज़िला, गुजरात; मृत्यु- 1 फ़रवरी, 1969) प्रसिद्ध गांधीवादी विचारक और शिक्षाविद थे। ये गुजराती भाषा के लेखक भी थे। स्वतंत्रता के बाद अवसर आने पर मगन भाई देसाई कांग्रेस सरकार की नीतियों की आलोचना करने में भी पीछे नहीं रहते थे।[1]

जन्म एवं परिचय

मगन भाई देसाई का जन्म 11 अक्टूबर, 1899 ई. को गुजरात के खेड़ा ज़िले में हुआ था। वे मुबंई में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे कि 1921 में गांधी जी का भाषण सुना और उससे प्रभावित होकर विद्यालय छोड़ दिया। बाद में गुजरात विद्यापीठ में गणित के अध्यापक और रजिस्ट्रार के रूप में काम करने लगे। मगन भाई देसाई स्पष्टवादी व्यक्ति थे।

गांधी जी के अनुयायी

1932 के आंदोलन में मगन भाई देसाई को गिरफ्तार कर लिया गया था। गांधी जी के कहने पर वे वर्धा के महिला महाविद्यालय के प्रभारी रहे। बाद में लगभग 24 वर्ष मगन भाई देसाई ने गुजरात विद्यापीठ की सेवा को समर्पित किए। 1957 में उन्हें गुजरात विश्वविद्यालय का उपकुलपति बनाया गया। मगन भाई देसाई का खादी, हिंदी, मद्यनिषेध, सर्वोदय, प्रौढ़ शिक्षा, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और गांधी वांङ्मय आदि से संबंधित प्रादेशिक और राष्ट्रीय स्तर की 30 से अधिक समितियों से संबंध था। उन्होंने अपने विश्वास और निर्भीकता से कभी समझौता नहीं किया।

लेखक

मगन भाई देसाई अच्छे लेखक थे। उन्होंने गुजराती भाषा में अनेक मौलिक पुस्तकों की रचना की तथा उपनिषदों पर भाष्य लिखे।

निधन

1 फ़रवरी, 1969 को मगन भाई देसाई का देहांत हो गया।

कल्पना चावला (जन्म- 17 मार्च, 1962; मृत्यु- 1 फ़रवरी, 2003)

कल्पना चावला
कल्पना चावला
पूरा नामकल्पना चावला
जन्म17 मार्च, 1962
जन्म भूमिकरनाल, हरियाणा
मृत्यु1 फ़रवरी, 2003
मृत्यु स्थानटेक्सास, अमेरिका
अभिभावकबनारसी लाल चावला और संज्योती
कर्म भूमिभारत, अमेरिका
कर्म-क्षेत्रअंतरिक्ष यात्री
शिक्षाएम. ए. (एरोस्पेस इंजीनियरिंग), पी.एच.डी
विद्यालयटेक्सास विश्वविद्यालय, कोलोरेडो विश्वविद्यालय
पुरस्कार-उपाधिकाँग्रेशनल अंतरिक्ष पदक के सम्मान, नासा विशिष्ट सेवा पदक
नागरिकताभारतीय, अमेरिकी
कल्पना चावला (अंग्रेज़ी: Kalpana Chawla, जन्म- 17 मार्च, 1962; मृत्यु- 1 फ़रवरी, 2003) एक भारतीय अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और अंतरिक्ष शटल मिशन विशेषज्ञ थी। वे कोलंबिया अन्तरिक्ष यान आपदा में मारे गए सात यात्री दल सदस्यों में से एक थीं।

जीवन परिचय

कल्पना चावला का जन्म 17 मार्च, 1962 ई. को हरियाणा के करनाल क़स्बे में हुआ था। कल्पना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय (बाद में उन्होंने अमेरिका की नागरिकता ले ली थी) महिला थीं। कल्पना के पिता का नाम 'श्री बनारसी लाल चावला' और माता का नाम 'संज्योती' था। वह अपने परिवार के चार भाई बहनों मे सबसे छोटी थी।

शिक्षा

कल्पना चावला ने 1976 में करनाल के 'टैगोर स्कूल' से स्नातक, 1982 में चंडीगढ़ से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग तथा 1984 में टेक्सास विश्वविद्यालय से एरोस्पेस इंजीनियरिंग में एम. ए. किया। उन्होंने 1988 में कोलोरेडो विश्वविद्यालय से डॉक्टर ऑफ़ फ़िलॉसफ़ी की डिग्री प्राप्त की। इसी वर्ष कल्पना ने नासा के एम्स रिसर्च सेंटर में काम करना शुरू किया। 1994 में उनका चयन बतौर अंतरिक्ष-यात्री किया गया। उन्होंने फ़्रांसीसी व्यक्ति जीन पियर से शादी की थी।

अंतरिक्ष उड़ान

कल्पना की पहली अंतरिक्ष उड़ान एस. टी. एस.-87 कोलंबिया स्पेस शटल से संपन्न हुई तथा इसकी अवधि 19 नवंबर से 5 दिसंबर, 1997 थी। कल्पना की दूसरी और अंतिम उड़ान 16 जनवरी, 2003 को 'कोलंबिया स्पेस शटल' से ही आरंभ हुई। यह 16 दिन का मिशन था। उन्होंने अपने सहयोगियों सहित लगभग 80 परीक्षण और प्रयोग किए। वापसी के समय 1 फरवरी2003, को शटल दुर्घटना ग्रस्त हो गई तथा कल्पना समेत 6 अंतरिक्ष यात्रियों की मृत्यु हो गई।

पुरस्कार

कल्पना चावला को मरणोपरांत: निम्न पुरस्कार मिले-
  • काँग्रेशनल अंतरिक्ष पदक के सम्मान
  • नासा अंतरिक्ष उड़ान पदक
  • नासा विशिष्ट सेवा पदक
  • प्रतिरक्षा विशिष्ट सेवा पदक